Thursday, November 20, 2014

Bhajan 6

 मेरे शिव है कृपा के भण्डार 

कृपा के भण्डार मेरे  शिव है कृपा के भण्डार - टेक 

१ शिव महापुराण है शिव की वाणी 

करती जीवो   का उद्धार ---
२ साकार सगुन रूप मूर्त भी है शिव 
यही निर्गुण निराकार -----
३ जो भी मांगो पल में देते 
न लाते हैं  कुछ भी वार -----
४ शुद्ध  भाव से जो शिव को ध्याते 
मिलती उन्हें  खुशियाँ   अपार -----
५ शिव की कृपा का अंत  नहीं कोई 
नहीं कोई उनका पार -----
६ "हरिओम" शिवयोग साधना कर शिव से है जुड़ना 
हो जा परम से साक्षात्कार  -----

Bhajan 7

शिव मेरे भोले भाले सब  पर कृपा करते है 
जो भी आता इनके द्वारे उसके दुखड़े हरते - टेक 
१ शिव की  कृपा हो तो खुशियाँ ही खुशियाँ आये 
सुख की सुनहरी धुप खिले दुःख की बदली छट  जाए 
अंधकार को दूर भगा जीवन में उजियारा भरते हैं ----
२ शिव का ध्यान लगा लो तेरे सब संकट कट ज्या 
जाल भरम का जो है फैला  पल भर में हट ज्या 
शिव भक्ति से तो नर भाव सागर तैरते हैं ----
३ ये तो हैं समदर्शी नहीं कोई बड़ा नहीं कोई छोटा 
नहीं कोई ज्ञानी और मूरख नहीं कोई खरा और खोटा 
अपनी दया का हाथ ये सबके सिर  पर धरते हैं----
४ अमृत देते औरों  को  को खुद विष का पान करें 
कल्याणमय कण - कण में बस्ते सबका कल्याण करें तीन लोकों के ये स्वमी  जिन्हें  सब जीव सुमरते हैं ----
५ पालक पोषक संहारक यही सब सर्जन हारा
श्रद्धा भक्ति से जोभी ध्यावै पल में उसे उबारा 
"हरिओम" सरण  में इनकी आकर जीवन सवँरते  हैं 


Tuesday, November 18, 2014

Bhajan 5

सवांस सवांस शिव को सुमरू शिव को सुमरु 
शिव को सुमरु  मैं शिव को सुमरु  - टेक 
 १. गले में रहती सर्पों  की माला 
     बाघम्बर है  तन पर डाला 
     कर में है त्रिशूल और डमरू -------
२ सीस जटा  से गंगा है बहती 
   चन्दा की सोभा मस्तक पर रहती 
   कानो  में कुण्डल पाँव  में घुँघरू 
३ धूनी की भसम रमाए रहता 
   भांग का घूँट चढ़ाए  रहता 
   बाम  अंग माँ  भवानी  को ना बिसरू 
४ बम - बम - बम - बम  भोला 
   कृपा का भंडारा खोला 
   मैं भी झोली फैला  के पसरू 
  "हरिओम"  शिव का ध्यान हूँ  धरता 
   ऊँ  नम:शिवाय का मंत्र हुँ  जपता 
   मैं शिव से होना चाहूँ रूबरू 


Bhajans 4

ओ भोले मुझे राह दिखा दे  
मुझे अपनी मंजिल तक पहुंचा दे -टेक 
1.अब मुझसे और रहा नहीं जाता 
दिल का दर्द ये सहा नहीं जाता 
दिल का दर्द मिटा दे ............
2.मैं तो पड़ा हूँ बड़ी उलझन में 
जो नहीं आ रहा मेरी सुलझन में 
तू ही इसे सुलझा दे ..............
3.जिया भी मेरा डोल रहा है 
मेरे बदन को झकोल रहा है 
इसको भी थोड़ा टिका दे ...........
4.मन मूरख बुधु और अनजाना
सही दिशा को नहीं पहचाना  
आकर तू ही सही दिशा दिखलादे ...........
5.चाहत का जनून सिर है चढ़ आया 
चाह कर भी इसको रोक नहीं पाया 
इसकी चाहत से इसको मिला दे ..............
6.तेरी कृपा से मैं मंजिल पाऊँ 
एक पल भी ना तुझे भुलाऊँ 
"हरिओम" में ऐसा विवेक जगा दे ..............







Bhajan 3

भोले मेरी बिगड़ी बना भोले मेरी बिगड़ी बना 
सुन लो बात मेरी रहे दिल का हाल सुना -टेक 
1.मेरी बिगड़ी बना दे तो मैं तेरे ही गुण गाँउ 
तुमको ही अपना माना मैं तुमको ही चाहूँ 
तुझ से मेरा बढ़ जाए प्रेम कई गुना ...................
2.तुम तो भोले भंडारी भण्डार ही भरते 
कृपालु करुणा कारी करुणा तुम करते 
जो भी मांगो तो दे देता करता बिलकुल नहीं मना ........
3.दुःख विपदा ने हमको घेरा हुए हम लाचार 
हर दम गम में डूबे रहते जीवन लगता है भार 
और नहीं हम कुछ भी जाने हमे तुमसे है प्रेम घना ........
4.नहीं किसी से कुछ भी लेना केवल तुम से है नाता 
तुमहारे बिना जग सूना लगता नहीं कुछ भी है भाता 
हर कोई है बेगाना केवल तुमसे है अपनापना .........
5."हरिओम" मेरे तुम ही सब कुछ तन मन तेरे हवाले 
तू ही है प्रभु करुणामय तू ही मुझे सभांले 
जल्दी सुध ले लोगे आकर दीजो विश्वास जना ...........


Bhajans 2

मुझे चरणो से रखना ना दूर मेरे भोले - 
मेरा कर देना माफ कसूर मेरे भोले - टेक 
1.मै तो भोले तेरा चरण पुजारी 
करूंगा पूजा मैं जिंदगी सारी 
मुझे मिलती है खुशी भरपूर मेरे भोले .............
2.जग सारा लगता है  बेगाना 
तेरे चरणो बिन नहीं है ठिकाना 
चाहूँ तेरे चरणो की धूर मेरे भोले .............
3.तन मन तुझको सौंप दिया है 
तेरी भक्ति में  खुद को रोप दिया है 
तेरे नाम का छाया है शरुर मेरे भोले ...............
4. दूर नहीं मैं रह पाउँगा 
जीते जी ही मर जाऊंगा
मैं तो हूँ मजबूर मेरे भोले ................
5.तूने क्यों मुझसे है मुहँ फेरा 
सच्चा रिश्ता तुझ से है मेरा 
सुन्दर प्रिय मधुर मेरे भोले .............
6.तुम बिन सब सूना सा लगता 
तुम्हरे दर्श से दीप सा जलता 
अंधकार हो जा काफूर मेरे भोले ...............
7."हरिओम" नहीं हमको कुछ भाता 
ये मन केवल तुमको ही चाहता 
ये तो रहता चाहत के नशे में चूर मेरे भोले ...........



Thursday, November 6, 2014

Bhajans 1

हमने तो भोले को मना लिया   रे 
 बम -  २ भोला बम -२ भोला -टेक 
1. माँ गोरा भी संग विराजे 
चरणो में शीश झुका लिया रे - बम -२ 
2. शीश जटा से बहे गॅंग धारा 
हमने भी गोता ला लिया रे -बम-२ 
3. मस्तक पर चंदा है सोहे 
अंधकार को दूर भगा लिया रे -बम-२ 
4. भोले को भांग का रस हैभावे 
हमने भी घूँट चढ़ा लिया रे -बम-२ 
5. डम   डम  डम -२  डमरू बाजे 
हमने भी भोले का गुण गा लिया रे - बम - २ 
6. तन  पुलकित मन प्रेम मगन है 
"हरिओम" ने भी ध्यान लगा लिया रे - बम - २ 


This Bhajan has been made and written by Hari Om Goyal .

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