शिव मेरे भोले भाले सब पर कृपा करते है
जो भी आता इनके द्वारे उसके दुखड़े हरते - टेक
१ शिव की कृपा हो तो खुशियाँ ही खुशियाँ आये
सुख की सुनहरी धुप खिले दुःख की बदली छट जाए
अंधकार को दूर भगा जीवन में उजियारा भरते हैं ----
२ शिव का ध्यान लगा लो तेरे सब संकट कट ज्या
जाल भरम का जो है फैला पल भर में हट ज्या
शिव भक्ति से तो नर भाव सागर तैरते हैं ----
३ ये तो हैं समदर्शी नहीं कोई बड़ा नहीं कोई छोटा
नहीं कोई ज्ञानी और मूरख नहीं कोई खरा और खोटा
अपनी दया का हाथ ये सबके सिर पर धरते हैं----
४ अमृत देते औरों को को खुद विष का पान करें
कल्याणमय कण - कण में बस्ते सबका कल्याण करें तीन लोकों के ये स्वमी जिन्हें सब जीव सुमरते हैं ----
५ पालक पोषक संहारक यही सब सर्जन हारा
श्रद्धा भक्ति से जोभी ध्यावै पल में उसे उबारा
"हरिओम" सरण में इनकी आकर जीवन सवँरते हैं
जो भी आता इनके द्वारे उसके दुखड़े हरते - टेक
१ शिव की कृपा हो तो खुशियाँ ही खुशियाँ आये
सुख की सुनहरी धुप खिले दुःख की बदली छट जाए
अंधकार को दूर भगा जीवन में उजियारा भरते हैं ----
२ शिव का ध्यान लगा लो तेरे सब संकट कट ज्या
जाल भरम का जो है फैला पल भर में हट ज्या
शिव भक्ति से तो नर भाव सागर तैरते हैं ----
३ ये तो हैं समदर्शी नहीं कोई बड़ा नहीं कोई छोटा
नहीं कोई ज्ञानी और मूरख नहीं कोई खरा और खोटा
अपनी दया का हाथ ये सबके सिर पर धरते हैं----
४ अमृत देते औरों को को खुद विष का पान करें
कल्याणमय कण - कण में बस्ते सबका कल्याण करें तीन लोकों के ये स्वमी जिन्हें सब जीव सुमरते हैं ----
५ पालक पोषक संहारक यही सब सर्जन हारा
श्रद्धा भक्ति से जोभी ध्यावै पल में उसे उबारा
"हरिओम" सरण में इनकी आकर जीवन सवँरते हैं
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