Thursday, November 20, 2014

Bhajan 7

शिव मेरे भोले भाले सब  पर कृपा करते है 
जो भी आता इनके द्वारे उसके दुखड़े हरते - टेक 
१ शिव की  कृपा हो तो खुशियाँ ही खुशियाँ आये 
सुख की सुनहरी धुप खिले दुःख की बदली छट  जाए 
अंधकार को दूर भगा जीवन में उजियारा भरते हैं ----
२ शिव का ध्यान लगा लो तेरे सब संकट कट ज्या 
जाल भरम का जो है फैला  पल भर में हट ज्या 
शिव भक्ति से तो नर भाव सागर तैरते हैं ----
३ ये तो हैं समदर्शी नहीं कोई बड़ा नहीं कोई छोटा 
नहीं कोई ज्ञानी और मूरख नहीं कोई खरा और खोटा 
अपनी दया का हाथ ये सबके सिर  पर धरते हैं----
४ अमृत देते औरों  को  को खुद विष का पान करें 
कल्याणमय कण - कण में बस्ते सबका कल्याण करें तीन लोकों के ये स्वमी  जिन्हें  सब जीव सुमरते हैं ----
५ पालक पोषक संहारक यही सब सर्जन हारा
श्रद्धा भक्ति से जोभी ध्यावै पल में उसे उबारा 
"हरिओम" सरण  में इनकी आकर जीवन सवँरते  हैं 


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